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‘राम लला जन्मभूमि’ लेकर हमने एक विजय तो प्राप्त कर ली, मगर क्या मात्र भूमि के लिए ही हमने इतनी जद्दोजहद की? इस पर हमें विचार करने की आवश्यकता है। हमें राम का मंदिर मात्र नहीं बनाना है वरन्‌ राम का चरित्र भी जीने की कोशिश करना है। एक राम थे, जिसने पिता की एक आज्ञा पर १४ वर्ष का ...